थायराइड होने पर इन घरेलू उपचार को करे Do these home remedies when thyroid is present

थायराइड होने पर इन घरेलू उपचार को करे

Thyroid Treatment In Hindi
Thyroid
टेंशन, खाने में आयोडीन की कमी या जंयादा इस्तेमाल, दवाओं के साइड इफेकंट के अलावा अगर परिवार  में किसी को पहले से थायराइड की समस्या है तो भी इसके होने की संभावना जंयादा रहती है। पुरंषों से जंयादा महिलाये इस रोग का सिकार होती हैं। जिसकी वजह से कई तरह की दूसरी बीमाररयों के होने का भी खतरा बना रहता है। तो इस बीमारी को अयुएर्वेदिक उपायों द्वारा कैसे दूर किया जा सकता है जानेंगे  इसके बारे में।

थाइरोइड होने पर क्या करे् ? (What to do when thyroid?

इन रोगियों को नियमित रूप से 1ग्लास दूध का सेवन करना चाहिए। इन रोगियों को अगर फल खाने है् तो आम, शहतूत, तरबूज़ और खरबूज का सेवन कर सकते है।

खाने मे् दालचीनी, अदरक, लहसुन, सफेद प्याज, थाइम और स्ट्रॉबेरी पक्तयो् का प्रयोग बढ़ा देना चाहिए। इन रोगियों को खाना खाना पकाने के लिए नारियल तेल का प्रयोग करना चाहिए। इन रोगियों को लघु और सुपाच्य भोजन करना चाहिए, खिचडी का प्रयोग कर सकते है।

ऐसे रोगियों को सुबह 10 से 15 मिनट गुनगुनी धूप भी लेनी चाहिए। इस बीमारी में खासौतर से सूर्य नमस्कार, स्वर्ग्वासन, मत्स्यासन, नौकाशन का प्रयोग कर सकते है् और प्राणायाम मे् अनुलोम-विलोम और उज्जायी का प्रयोग करे।

थाइरोइड होने पर यह आयुर्वेदिक  उपाय (Ayurvedic remedy on thyroid)


इसमें हम शिशु पत्र,काचनार, पुननडव् के काढो का प्रयोग कर सकते है । काढो का प्रयोग करने के लिए हमे 30-50 मिली काढ़ा खाली पेट लेना चाहिए।

जलकुम्भी, अस्वगंधा या विभितकी का पेस्ट ग्वाटर के ऊपर लगाएं। पेस्ट को तब तक लगाना है जब तक की सुजन कम न हो जाए। रोग से पीडित इन्ही् पौधो् के स्वरूप का प्रयोग भी कर सकते  है्।

अलसी के 1 चम्च चूर्ण का प्रयोग इस बीमारी मे् कर सकते है्।

इस बीमारी मे् नारियल के तेल का प्रयोग भी कर सकते है् । 1 से 2 चम्मच नारियल का तेल गुनगुने दूध के साथ मे् खाली पेट सुबह-शाम लेने से भी इस रोग मे् फायदा
होता है।

इस बीमारी में विभीतिका का चूर्ण,अश्वगंधा का चूर्ण और पुश्करबून का चूर्ण 3 गा्म शहद के साथ में या गुनगुने पानी के साथ मे् दिन मे् दो बार प्रयोग कर सकते है्।

इस बीमारी मे् धनिया का  पानी पी सकते है्। धनिये के पानी को  बनाने के लिए शाम को ताम्बे के बर्तन मे पानी लेकर उसमे् 1 से 2 चम्मच धनिये को भिगा दे् और सुबह इसे अच्छी तरह से मसल कर छान कर धीरे-धीरे पीने से फायदा होगा।

इस बीमारी मे् पंचकर्म की क्रियाये जिसमे शिरो अभ्यंगम, पाद अभ्यंगम, शिरोधरा, विरेचन, उद्व्र्तर्न और गले के छेत्र या थायराइर ग्रंथि पर हम धारा कर सकते है्। इसमे् नस्यम को हम घर पर कर सकते है्। नस्यम करने के लिए गय के घी को दो-दो बूंद पिघला के हम नाक मे् डालने से लाभ मिलता है।

थाइरोइड होने पर क्या न करे  (What to do if the thyroid is present)


इस बीमारी से पीडित व्यक्तियों को खाने में उन चीजों का परहेज करना चाहिए जिसे पचाने में परेशानी होती है।

बहुत ज्यादा ठंडे, खुश्क पदार्थो का सेवन नही् करना है।

बहुत ज्यादा मिर्च - मसालेदार, तैलीय,खट्टे पदाथो् उपयोग नही करना है।

दही का प्रयोग नहीं करना है।

बासी खाद-पदार्थ या जिनमे एडेड शुगर है उनका प्रयोग नहीं करना है।

इस बीमारी मे् हमे् पालक, सकरकंदी, बंदगोभी, फूलगोभी, मूली, शलजम, मक्का,
सोया, रेड मीट और रिफाइंड आयल का प्रयोग नही् करना चाहिए।

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